नीमच।महेंद्र उपाध्याय।31 अक्टूबर मंगल वार को देश भर में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 148वीं जयंती मनाई गई। स्वतन्त्र भारत के महान
दूरदर्शी राजनेता-प्रशासक होने के साथ साथ वे प्रतिष्ठित वकील,बैरिस्टर तथा भारतीय राष्ट्
रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी थे।पटेल उन कुछेक महान नेताओं व स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे।जिनके न सिर्फ आजादी से पहले के बल्कि आजादी के बाद के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता। आजादी मिलने के बाद सरदार पटेल ने पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें भारत का लौह पुरुष तथा भारत का बिस्मार्क भी कहा जाता है।वल्लभभाई पटेल की जयंती को देश में राष्ट्रीय
एकता दिवस के तौर
पर भी मनाया जाता है। वह एक मजबूत,अडिग और दृढ़ संकल्पित व्यक्तित्व के धनी थे।मंगल वार को भारतीय जनता पार्टी ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती सीआरपी एफ चौराहा स्थित पटेल प्रतिम
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