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नीमच।महेन्द्र उपाध्याय।जिले के मनासा क्षेत्र में एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां
पिता की मृत्यु के बाद अपनी ही पैतृक संपत्ति के नामांतरण के लिए एक बेटा दर-दर भटकने को मजबूर है।मंगलवार को पीड़ित रमेश राठौर फटे कपड़ों में कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचा और अपनी व्यथा सुनाते हुए न्याय की गुहार लगाई।रमेश ने ज्ञापन में बताया कि उसके पिता रामचन्द्र राठौर के नाम पर अहिल्यापुरा स्थित मकान है,सागर मंथन जिनका निधन वर्ष 2010 में हो गया था। इसके बाद 2012 में उसके भाई लालचंद का भी देहांत हो गया। नियमानुसार अब इस संपत्ति का नामांतरण रमेश और उसके भतीजे संदीप राठौर के नाम होना चाहिए, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।पीड़ित का आरोप है कि नगर पालिका के एक कर्म
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