नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में रविवार 15 मार्च को दोपहर गांधी वाटिका प्रांगण में जिले के शिक्षकों और अध्यापकों की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक म
ें विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में अध्यापकों ने भाग लेकर इस विषय पर गहन चर्चा की और सरकार से पुनर्विचार की मांग की।बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने सागर मंथन को बताया कि प्रदेश में पिछले लगभग 30 वर्षों से हजारों शिक्षक और अध्यापक शासकीय विद्यालयों में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन शिक्षकों ने न केवल नियमित रूप से विद्यालयों में कार्य किया है, बल्कि बेहतर परीक्षा परिणाम भी देकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अब शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना उचित नहीं है।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हाल ही
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