नीमच। महेंद्र उपाध्याय।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने विजयादशमी पर्व पर अपने शताब्दी वर्ष का ऐतिहासिक पथ संचलन गुरुवार को भव्यता और अनुशासन के साथ निकाला।अनुमानित 15 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की कतारों ने श
हर को अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय संदेश दिया। जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत से शहर का वातावरण देशभक्ति और उत्साह से सराबोर हो गया।
*शताब्दी वर्ष का ऐतिहासिक महत्व*
संघ की स्थापना 1925 में नागपुर स्थित मोहिते के बाड़े में विजयादशमी के दिन हुई थी। तभी से हर वर्ष विजयादशमी पर संघ अपना स्थापना दिवस मनाता है। इस वर्ष 100 वर्ष पूर्ण होने के कारण यह आयोजन विशेष महत्व और भव्यता लिए रहा।
*शस्त्र पूजन और बौद्धिक कार्यक्रम*
सुबह क्रमांक-2 मैदान पर हजारों स्वयंसेवक पारंपरिक गणवेश में एकत्र हुए। शस्त्र पूजन के बाद मंचीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में मालवा प्रांत के
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