नीमच।महेंद्र उपाध्याय। जिले सहित नगर व अंचल में गुरुवार को रंग तेरस पर्व परंपरानुसार मनाया गया। कई स्थानों पर गेर निकाली गई तो कहीं रंग गुलाल से होली खेली गई। इन सबसे से अलग ग्वालियर रियासतकालीन बस्ती नीमच सिटी स्थित माह
ेश्वरी मोहल्ला में आजादी के पहले से चली आ रही अनूठी परंपरा का निर्वहन आज भी किया जा रहा है। माहेश्वरी मोहल्ले में देवनारायण मंदिर के सामने गडिय़ा भेरू बावजी का चमत्कारी स्थान है। यहां 5 फीट गहरे गड्ढे में दबे भेरू बावजी को साल में सिर्फ एक बार रंगतेरस के दिन विधि विधान से बाहर निकालते है।ओर बकरे की खाल में भरे पानी से भेरुजी को स्नान कराया जाता है। इसके बाद भेरूजी की मूर्ति को ओटले पर विराजित करते है। करीब 10 दिन विशेष रुप से पूजा अर्चना की जाती है। रंगतेरस के दिन भेरुजी के साथ रंग व गुलाल से होली खेली जाती है। भेरुजी को ठेला गाड़ी में विराजित कर नगर भ्रमण करवाया जाता है।माहेश्वरी मोहल्ला नवयु
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